
परिचय
एक पोषण संबंधी बीमारी है, जो शरीर में नियासिन (विटामिन B3) या ट्रिप्टोफैन की कमी के कारण होती है। यह बीमारी उन लोगों में अधिक देखी जाती है, जिनका आहार संतुलित नहीं होता, विशेषकर जहाँ मक्का (कॉर्न) मुख्य भोजन होता है।
पेलाग्रा को आमतौर पर “3 D’s” से पहचाना जाता है:
- डर्मेटाइटिस (त्वचा की समस्या)
- डायरिया (दस्त)
- डिमेंशिया (मानसिक विकार)
यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो यह चौथे D यानी मृत्यु तक पहुंच सकता है।

पेलाग्रा के कारण
प्राथमिक पेलाग्रा
यह तब होता है जब आहार में नियासिन की कमी होती है।
नियासिन से भरपूर खाद्य पदार्थ:
- मांस, मछली, पोल्ट्री
- साबुत अनाज
- मेवे और दालें
द्वितीयक पेलाग्रा
यह तब होता है जब शरीर नियासिन को ठीक से अवशोषित या उपयोग नहीं कर पाता। इसके कारण:
- लंबे समय तक शराब का सेवन
- अवशोषण की समस्या (Malabsorption)
- कुछ दवाइयाँ
- बीमारियाँ जैसे
पेलाग्रा के लक्षण
1. डर्मेटाइटिस (त्वचा रोग)
- धूप में आने वाले हिस्सों पर लाल चकत्ते
- त्वचा का मोटा, काला और पपड़ीदार होना
- गर्दन पर “Casal’s necklace”
2. डायरिया (दस्त)
- बार-बार पतले दस्त
- पेट दर्द
- भूख कम लगना
3. डिमेंशिया (मानसिक लक्षण)
- भ्रम (Confusion)
- याददाश्त कमजोर होना
- चिड़चिड़ापन या अवसाद
अन्य लक्षण
- जीभ का लाल और सूजा हुआ होना (Glossitis)
- थकान
- वजन कम होना
निदान (Diagnosis)
पेलाग्रा का निदान मुख्य रूप से:
- लक्षणों के आधार पर
- आहार इतिहास देखकर
- नियासिन देने के बाद सुधार देखकर
कुछ परीक्षण अन्य कमियों को पहचानने के लिए किए जा सकते हैं।
उपचार (Treatment)
1. नियासिन सप्लीमेंट
- आमतौर पर निकोटिनामाइड (Nicotinamide) दिया जाता है
- इससे लक्षणों में तेजी से सुधार होता है
2. संतुलित आहार
आहार में शामिल करें:
- अंडे
- दूध
- हरी सब्जियाँ
- मांस और मछली
3. मूल कारण का इलाज
- शराब की लत का उपचार
- पाचन संबंधी रोगों का इलाज
बचाव (Prevention)
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें
- मक्का का सही तरीके से प्रसंस्करण करें
- पोषण के बारे में जागरूकता बढ़ाएँ
- जरूरत पड़ने पर विटामिन सप्लीमेंट लें
जटिलताएँ (Complications)
अगर इलाज न किया जाए, तो पेलाग्रा से:
- गंभीर मानसिक क्षति
- पाचन तंत्र की समस्या
- मृत्यु हो सकती है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. पेलाग्रा का मुख्य कारण क्या है?
नियासिन (विटामिन B3) की कमी।
Q2. पेलाग्रा के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
त्वचा पर दाने, दस्त और थकान।
Q3. क्या पेलाग्रा संक्रामक है?
नहीं, यह संक्रामक नहीं है।
Q4. पेलाग्रा का इलाज कैसे किया जाता है?
नियासिन सप्लीमेंट और संतुलित आहार से।
Q5. क्या पेलाग्रा से बचाव संभव है?
हाँ, सही पोषण और आहार से।
Q6. किन लोगों में इसका खतरा अधिक होता है?
- कुपोषित लोग
- शराब का अधिक सेवन करने वाले
- अवशोषण संबंधी रोगों वाले मरीज
निष्कर्ष (Conclusion)
पेलाग्रा एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है। इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना और समय पर इलाज करना बहुत जरूरी है। संतुलित आहार, जागरूकता और सही उपचार से इस बीमारी से आसानी से बचा जा सकता है और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
